संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (UPSC CSE 2026) के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं।
अगर आप IAS, IPS, IFS, IRS या कोई अन्य टॉप सरकारी सेवा में जाने का सपना देख रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत ही जरूरी है।
इस बार UPSC ने आवेदन प्रक्रिया से लेकर परीक्षा केंद्र, पहचान सत्यापन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और चयन प्रक्रिया तक कुल 12 बड़े नियमों में बदलाव किया है।
इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य है:
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना
फर्जीवाड़ा रोकना
डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना
गलत पहचान और डुप्लीकेट कैंडिडेट्स को रोकना
सही उम्मीदवारों का चयन करना
👉 आवेदन की अंतिम तिथि: 24 फरवरी 2026
UPSC ने साफ कर दिया है कि अब परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह टेक्नोलॉजी-बेस्ड होगी और छोटी सी गलती भी आवेदन रद्द होने का कारण बन सकती है।
नीचे सभी नए नियमों को सरल भाषा में विस्तार से समझाया गया है:
अब UPSC का आवेदन सिस्टम पूरी तरह नया कर दिया गया है।
फॉर्म भरने की प्रक्रिया अब 4 चरणों में होगी:
अकाउंट बनाना (Account Creation)
यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) बनाना
कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) भरना
परीक्षा से जुड़ी जानकारी भरना (केंद्र, विषय आदि)
👉 पहले सब कुछ एक ही फॉर्म में होता था, अब सिस्टम आसान लेकिन ज्यादा सख्त हो गया है।
अब हर उम्मीदवार को एक स्थायी यूनिक नंबर (URN) मिलेगा।
यह नंबर आपकी डिजिटल पहचान होगा।
फायदे:
बार-बार पूरी जानकारी नहीं भरनी पड़ेगी
हर UPSC परीक्षा में यही नंबर काम आएगा
फर्जी प्रोफाइल नहीं बन पाएंगी
👉 यह एक तरह से आपकी “डिजिटल UPSC ID” होगी।
अब आवेदन करते समय:
वेबकैम से आपकी लाइव फोटो ली जाएगी
पहले से अपलोड की गई फोटो से मिलान होगा
अगर दोनों फोटो मैच नहीं हुईं तो:
👉 आवेदन रद्द किया जा सकता है
इससे:
फर्जी आवेदन रुकेंगे
किसी और की फोटो से फॉर्म भरने की संभावना खत्म होगी
अब पहचान के लिए आधार कार्ड को प्राथमिक डॉक्यूमेंट माना जाएगा।
फायदे:
परीक्षा केंद्र पर जल्दी वेरिफिकेशन होगा
गलत पहचान नहीं होगी
फर्जी कैंडिडेट नहीं बैठ पाएंगे
👉 हालांकि अन्य ID भी मान्य होंगी, लेकिन आधार को प्राथमिकता दी जाएगी।
अब उम्मीदवार को:
कागज पर 3 बार साइन करना होगा
काली स्याही से
उस शीट को स्कैन करके अपलोड करना होगा
पहले सिर्फ एक सिग्नेचर चलता था, अब पहचान की पुष्टि के लिए यह नियम बदला गया है।
अब UPSC ने साफ कर दिया है:
❌ फॉर्म सबमिट करने के बाद कोई सुधार नहीं
❌ फॉर्म वापस लेने (Withdrawal) का विकल्प नहीं
❌ एडिट करने का मौका नहीं
👉 एक बार फॉर्म गया = फाइनल
इसलिए हर जानकारी बहुत ध्यान से भरनी होगी।
आप अपनी स्थायी प्रोफाइल (URN Profile):
👉 पूरे जीवन में सिर्फ एक बार ही अपडेट कर पाएंगे।
मतलब:
बार-बार नाम, जन्मतिथि, कैटेगरी बदलने की सुविधा नहीं होगी।
अब UPSC:
एडमिट कार्ड डाक से नहीं भेजेगा
ईमेल से नहीं भेजेगा
उम्मीदवार को:
👉 वेबसाइट से खुद ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा
👉 साथ में वैध फोटो ID ले जाना अनिवार्य होगा
अब परीक्षा केंद्र पर:
डिजिटल फेस स्कैनिंग
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
लाइव पहचान सत्यापन
होगा।
👉 इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना होगा।
नया नियम:
अगर कोई व्यक्ति पहले से:
IAS अधिकारी है
IFS अधिकारी है
👉 तो वह दोबारा UPSC परीक्षा नहीं दे सकेगा।
लेकिन:
✔️ IPS अधिकारी दोबारा परीक्षा दे सकते हैं
✔️ रैंक सुधार सकते हैं
Non-Creamy Layer
1 अप्रैल 2025 के बाद का होना जरूरी
पिछले 3 साल की आय पर आधारित होना चाहिए
1 अप्रैल 2025 या उसके बाद का
👉 पुराने सर्टिफिकेट अब मान्य नहीं होंगे।
नया नियम:
प्रीलिम्स रिजल्ट के बाद 10 दिन में लॉगिन
मेंस रिजल्ट के बाद 15 दिन में लॉगिन
अगर लॉगिन नहीं किया:
👉 उम्मीदवारी अपने आप रद्द मानी जाएगी
🗓️ आवेदन की अंतिम तिथि: 24 फरवरी 2026
✔️ फॉर्म भरने से पहले सभी नियम पढ़ें
✔️ डॉक्यूमेंट पहले से तैयार रखें
✔️ सर्टिफिकेट की तारीख जरूर चेक करें
✔️ सही फोटो और सिग्नेचर रखें
✔️ लाइव कैमरा तैयार रखें
✔️ आधार कार्ड अपडेट रखें
✔️ फॉर्म एक बार में सही भरें
UPSC 2026 के नए नियम भारत की सबसे बड़ी परीक्षा प्रणाली को:
ज्यादा सुरक्षित
ज्यादा पारदर्शी
ज्यादा टेक्नोलॉजी आधारित
ज्यादा भरोसेमंद
बनाते हैं।
अब UPSC सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि:
सही पहचान
सही दस्तावेज
सही प्रक्रिया
सही पात्रता
सब कुछ जांचेगा।
👉 अगर आप सच में IAS, IPS, IFS बनने का सपना देखते हैं, तो ये नियम जानना आपकी तैयारी का पहला कदम है।